Sex के अंतिम पड़ाव पर जब पति डिस्चार्ज होते हैं तो फौरन ही मुझसे दूरी बना लेते हैं, ऐसा क्यों?

Sex के अंतिम पड़ाव पर जब पति डिस्चार्ज होते हैं तो फौरन ही मुझसे दूरी बना लेते हैं, ऐसा क्यों?
सवाल: पति के साथ मेरा सेक्सुअल रिलेशनशिप ठीक है, लेकिन एक बात मुझे अच्छी नहीं लगती। सहवास () के अंतिम पड़ाव पर जब वह डिस्चार्ज होते हैं तो फौरन ही मुझसे दूरी बना लेते हैं। मुझे ऐसा महसूस होता है कि मेरा सिर्फ इस्तेमाल किया जा रहा है। मेरा इस तरह से सोचना क्या गलत है? जवाब: आपका सोचना सही है। अपने देश में () को ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती जबकि यह बहुत जरूरी है। ज्यादातर पुरुष सहवास को अपने डिस्चार्ज तक ही सीमित मानते हैं। कुछ पुरुष सहवास में अपने और पार्टनर के क्लाइमैक्स यानी संतुष्टि को भी शामिल करते हैं। ऐसे बहुत ही कम पुरुष होते हैं जो सहवास में दोनों पार्टनर की संतुष्टि के साथ-साथ आफ्टरप्ले को भी शामिल करते हैं। सहवास के 5 चरण होते हैं:
  1. सेक्स की इच्छा
  2. फोरप्ले
  3. प्रवेश
  4. क्लाइमैक्स
  5. आफ्टरप्ले
इनमें से फोरप्ले और आफ्टरप्ले का खास महत्व है। फोरप्ले में कम वक्त गुजारने से उत्तेजना में कमी होती है और आफ्टरप्ले कम होने से अगला सहवास प्रभावित हो सकता है। यह कैसे होता है, इसकी चर्चा हम आगे करेंगे। आफ्टरप्ले की अहमियत वात्स्यायन के कामसूत्र में भी विस्तार से बतलाई गई है। इसे सहवास का सबसे खास चरण कहा गया है और एक पूरा चैप्टर इसी को समर्पित है। क्लाइमैक्स के बाद की बात आफ्टरप्ले का मतलब है खेल के बाद यानी क्लाइमैक्स के बाद की बात। इसे हम इस तरह समझ सकते हैं कि किसी गेम में जब दो टीम आपस में भिड़ते हैं। उस गेम का नतीजा जो भी रहा हो, लेकिन मैच खत्म होने पर दोनों टीम के खिलाड़ी आपस में हाथ मिलाते हैं और एक-दूसरे के लिए अच्छी बातें करते हैं। वे आपस में यह भी कहते हैं कि आपने अच्छा खेल दिखाया। इसका मकसद होता है नतीजा से रिश्ते प्रभावित न हों और आगे के गेम के लिए दोनों टीमों में कोई मतभेद न रहे। यही बातें सहवास में आफ्टरप्ले के लिए भी लागू होती हैं। आफ्टरप्ले में वक्त बिताने से दोनों पार्टनर की केमिस्ट्री अच्छी बनी रहती है। इससे एक-दूसरे को अहमियत मिलती है। जब ट्यूनिंग अच्छी हो तो अगले खेल के लिए उत्तेजना, उत्सुकता, आकर्षण और इंतजार बरकरार रहता है। क्या करें आफ्टरप्ले में: -सहवास का उपयोग सिर्फ नींद लाने के लिए न किया जाए। -अगर सोना है तो भी लिपट कर सो सकते हैं। -उनके बालों को सहलाएं -तेल से हल्का-सा मसाज कर सकते हैं। -पार्टनर को इस बात का यकीन दिलाएं कि उनके बिना यह खेल पूरा नहीं हो सकता था। -आपस में बात करें। यह बात सहवास के बारे में भी हो सकती है। अपने पार्टनर से यह पूछ सकते हैं कि सहवास के दौरान क्या पसंद और क्या नापसंद लगा ताकि अगले खेल में इन बातों का ध्यान रख सकें। -इससे आगे के सहवास ज्यादा मजेदार हो सकते हैं। सहवास में क्लाइमैक्स के बाद खेल खत्म नहीं होता बल्कि दूसरे बेहतर खेल की शुरुआत होती है, खेला होबे। अनाड़ी क्लाइमैक्स के बाद खेल खत्म कर देता है जबकि खिलाड़ी इसके बाद भी खेल जारी रखता है।

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