Penis का खतना करवाने से पुरुषों को लाभ होता है या नुकसान?
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डॉ. अशोक गुप्ता, सेक्स एक्सपर्ट, चांदनी चौक, नई दिल्ली। सवाल: मैं एक 28 वर्षीय युवक हूं। मेरी गर्लफ्रेंड दूसरे धर्म की है। अब हम शादी करना चाहते हैं। लेकिन मेरी गर्लफ्रेंड बार-बार मुझ पर दबाव डाल रही है कि मुझे करवाना चाहिए। उसका मानना है कि ऐसे पुरुष, जिनके प्राइवेट पार्ट का खतना न हुआ हो, उनके साथ सेक्स करना अनहेल्दी होता है। मैंने उसे समझाने की बहुत कोशिश की है कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। मैं खतना करवाना नहीं चाहता, क्योंकि भविष्य में मैं इस बात को लेकर पछताना नहीं चाहता। मैंने यह भी पढ़ा है कि खतना करवाने के बाद सेंसेशन और सेक्सुअल प्लेजर में कमी आ जाती है और यह पूरी प्रक्रिया बहुत तकलीफदेह होती है। कृपया बताएं कि क्या मुझे खतना करवाना चाहिए? मैं अपनी गर्लफ्रेंड को इस बात के खिलाफ कैसे समझाऊं? जवाब: सबसे पहली बात तो यह है कि इस बारे में फैसला आपको खुद लेना है कि आपको क्या करना है और क्या नहीं। दूसरी बात, आप इस संबंध में पहले किसी सर्जन से परामर्श लेने के लिए मिलें। जब आप सर्जन के पास जाएं, तो अपनी गर्लफ्रेंड को भी साथ ले जाएं। सर्जन की बातें सुनकर अगर वह तब भी अपनी बात पर अड़ी रहती है, तो आप उसे उन दूसरी चीजों के बारे में बताएं, जिसकी उसने आपसे डिमांड की और आपने कैसे उन्हें पूरा किया था। अगर फिर भी आपकी गर्लफ्रेंड अपनी बात पर अड़ी रहती हैं, तो समझ लीजिए कि आपका रिश्ता खतरे में है। क्योंकि प्यार दिल से होता है, खतना करवाने से इसका कोई लेना-देना नहीं होता। खतना को करवाने के पीछे धार्मिक, सामाजिक और मेडिकल संबंधी कारण मुख्य होते हैं:खतना एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसे सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं धर्म संबंधी उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है। पुरुषों में खतना करने के दौरान उनके पेनिस की ऊपरी त्वचा को काटकर अलग कर दिया जाता है। मेडिकल साइंस के अनुसार, यह प्रक्रिया विज्ञान की दृष्टि से भी सही है। इससे एचआईवी और दूसरी सेक्सुअली फैलने वाली बीमारियां उन आदमियों को बहुत कम होती हैं, जिनका खतना हो चुका होता है। आदमियों के खतने का उनकी सेक्स लाइफ और हेल्थ पर कोई असर नहीं पड़ता है। कभी-कभी कुछ मेडिकल स्थितियों में भी खतना किया जा सकता है -
- लिंग की त्वचा पर मस्सेदार घाव बनना।
- लिंग की त्वचा पर कैंसर से संबंधी घाव बनना।
- बैलेनाइटिस (लिंग की सूजन)।
- फिमोसिस (इस स्थिति में लिंग के बाहरी हिस्से की त्वचा पीछे नहीं हट पाती है)।
- पैराफिमोसिस (इस स्थिति में लिंग के अग्र भाग की त्वचा पीछे हट जाती है और आगे नहीं आ पाती है।
- पोस्थाइटिस (लिंगमुंड की त्वचा में सूजन होना)।
- बैलेनोपोस्थाइटिस (लिंग के अग्र भाग और उसके ऊपर की त्वचा में सूजन आ जाना)।
- लिंग को साफ रखने में आसानी होती है। लिंगमुंड की त्वचा के अंदर सफेद-सा बदबूदार मैल जमा रहता है, उससे छुटकारा मिल जाता है। किसी-किसी को इस मैल में संक्रमण होने से खुजली की शिकायत भी हो जाती है, जिससे लिंगमुंड सूजकर लाल भी हो जाता है।
- खतना का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे स्तंभन शक्ति में काफी वृद्धि हो जाती है। चूंकि लिंगमुंड की ऊपरी त्वचा हट जाने के बाद यह अंडरवीयर की रगड़ खाते-खाते अपनी अतिसंवेदनशीलता खोकर बहुत कम संवेदनशील रह जाता है, जिससे कामशक्ति बढ़ जाती है। सहवास की क्षमता बढ़ने के कारण लिंग का योनि के अंदर पहुंचने और घर्षण के बाद भी उसका तनाव शीघ्र ही अपनी चरम सीमा तक नहीं पहुंचता, जिसके कारण वीर्यपात काफी देर से होता है। इस कारण, स्त्री और पुरुष दोनों को संभोग सुख में पूर्ण आनंद और तृप्ति का आनंद मिलता है।
- सर्जरी के दौरान कम या ज्यादा चमड़ी उतर जाना,
- सर्जरी वाला घाव ठीक न हो पाना, हाइपोस्पैडिया, एपिस्पैडिया, संक्रमण, ब्लीडिंग होना, लिंग के छिद्र में सूजन और लालिमा होना,
- चमड़ी और लिंगमुंड के बीच की त्वचा क्षतिग्रस्त होना और यूरेथ्रा का छिद्र संकुचित होना।
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