पीरियड के दौरान मुझे नाभि में क्रेम्पस की समस्या होती है, क्या करूं?
पीरियड के दौरान मुझे नाभि में क्रेम्पस की समस्या होती है, क्या करूं?
https://ift.tt/2T8IM91
https://ift.tt/3f6yfn4
डॉ. चारु पंत स्त्री रोग विशेषज्ञ, निदान क्लीनिक, लक्ष्मी नगर,नई दिल्ली। सवाल: मेरी उम्र 25 साल है। 2 माह पहले ही मेरी शादी हुई है। मेरी समस्या यह है कि विवाह से पहले से ही के दौरान मुझे नाभि में क्रेम्पस की समस्या होती है। मैं जानना चाहती हूं कि क्या यह स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का संकेत है? मेरी कुछ सहेलियों ने मुझे बताया कि इससे मुझे आगे चलकर मां बनने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए मुझे किसी गायनाकोलॉजिस्ट से अपना चेकअप करवाना चाहिए। मेरे पति पीरियड के दौरान भी सेक्स करना चाहते हैं। क्या ऐसा करना सही है? कृपया मेरी समस्या का समाधान करें। जवाब: यह सही है कि आज के समय में महिलाओं की बदलती लाइफस्टाइल, खानपान की आदतें और बढ़ते प्रदूषण के कारण उन्हें कम उम्र में ही ऐसी समस्याएं घेरने लगी हैं, जिनके चलते उन्हें मां बनने में दिक्कत आती है। आज के समय में पीसीओडी की समस्या और सर्विक्स कैंसर जैसे रोग महिलाओं को बहुत अधिक परेशान कर रहे हैं। इनके चलते महिलाओं में मां ना बन पाने की समस्या बढ़ रही है। खास बात यह है कि कुछ तरीकों को अपनाकर इन स्थितियों से बचा जा सकता है। पीरियड्स के समय नाभि में क्रेम्पस होना सामान्य बात पीरियड्स के समय नाभि में क्रेम्पस होना सामान्य बात है। लेकिन ज्यादा क्रेम्पस हो तो किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएं और अल्ट्रासाउंड करवा लें। इससे आप निश्चिन्त हो जाएगी कि कहीं कोई अंदरूनी समस्या तो नहीं है। इसके अलावा आपको पीरियड्स के दौरान उचित खान-पान अपनाने के साथ -साथ अपनी लाइफस्टाइल में भी जरूरी सुधार करना होगा, जिससे कि आपको पीरियड्स के समय होनेवाली परेशानियां दूर हो जाए। ज्यादातर महिलाओं के पीरियड्स के शुरुआती 2 दिन बहुत परेशानी वाले होते हैं। क्योंकि आमतौर पर उन्हें पेट और कमर में दर्द, थकान, उल्टी होना, सिर में दर्द और जांघों के आसपास दर्द और तनाव होता है, जिसे मेडिकल भाषा में मेंस्ट्रुअल क्रैम्प (Menstrual cramps) कहते हैं। रिसर्च के अनुसार, 10 में से 9 महिलाएं इस तरह का अनुभव करती हैं। यह स्थिति महिलाओं के लिए दर्दनाक तो होती ही है, इससे उनकी दिनचर्या भी बुरी तरह से प्रभावित हो जाती है। पीरियड्स के दौरान कार्बोहाइड्रेट्स युक्त भोजन न करें पीरियड्स के दौरान होनेवाले दर्द और क्रैंप्स से निजात पाने के लिए इस समय कार्बोहाइड्रेट्स युक्त खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल न करें। जैसे- चपाती, दाल, दूध, दही, छाछ इन चीजों का सेवन मुख्य रूप से आपको पीरियड्स के दौरान नहीं करना चाहिए। चूंकि कार्बोहाइड्रेट्स युक्त खाद्य पदार्थों को पचाने में आपके शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए पीरियड्स के दौरान जब तक आपको ब्लीडिंग होती है, 3 दिन या 5 दिन, इन दिनों में आपको ऐसा भोजन करने से बचना चाहिए। दरअसल, पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग होने के साथ ही पसीने और यूरिन के माध्यम से भी शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल रहे होते हैं। इन टॉक्सिन्स या विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए शरीर को एक्स्ट्रा एनर्जी की आवश्यकता होती है। यदि आप इस दौरान कार्बोहाइड्रेट्स युक्त खाद्य पदार्थों को खाएंगी, तो इसे पचाने में शरीर की अधिक ऊर्जा तो लगेगी ही और आपके शरीर के विषाक्त पदार्थ भी पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाएंगे। इन टॉक्सिन्स के रूप में लगातार शरीर के अंदर जमा होते रहनेवाली गंदगी आपकी सामान्य सेहत के साथ ही प्रजनन क्षमता पर भी असर डालती है। और जब सेहत से जुड़ी कोई दूसरी समस्या होती है, तो शरीर में पहले से मौजूद ये परेशानियां हावी होने लगती हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पीरियड्स के दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन करें पीरियड्स के दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन करें। जैसे- खिचड़ी, सूजी से बनी चीजें, इडली-सांभर, डोसा या नमकीन दलिया इत्यादि। पीरियड्स के दौरान आपको आयरन रिच फूड का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर में कमजोरी का अनुभव ना हो। इसके लिए आप आयरन रिच सुपाच्य भोज्य पदार्थ खा सकते हैं। जैसे- पालक, मखाना, शकरकंद, सिंघाड़ा, हरी फलियां इत्यादि। अगर दूध पीना हो तो इसमें हल्दी मिलाकर पी सकते हैं। लेकिन अन्य दिनों की तुलना में दूध की मात्रा कम ही लें। क्योंकि दूध के पाचन में समय भी अधिक लगता है और इससे गैस भी बनती है, जो पीरियड्स पेन को बढ़ा सकती है। बिना प्रोटेक्शन के सेक्स करने से बचें पीरियड्स के दौरान आप सेक्स कर सकती हैं, लेकिन बिना प्रोटेक्शन के सेक्स करने से बचें। चूंकि इस समय होनेवाली ब्लीडिंग से कई बैक्टीरिया सम्बंधित इन्फेक्शन होने की सम्भावना रहती है। इसके अलावा, पीरियड के समय गर्भाशय पतला रहता है, जिससे आसानी से बैक्टीरिया संचारित हो सकता है।पीरियड्स के दौरान योनि और गर्भाशय की स्थिति नाजुक होती है, इसलिए इस दौरान बहुत ही कोमलता के साथ सावधानी पूर्वक सेक्सुअल रिलेशन बनाने चाहिए।
https://ift.tt/2T8IM91
https://ift.tt/3f6yfn4
Comments
Post a Comment