संभोग की सफलता में Penis का कितना महत्व होता है?

संभोग की सफलता में Penis का कितना महत्व होता है?
डॉ. रमेश गुप्ता, सेक्स एक्सपर्ट, कीर्ति नगर, नई दिल्ली। सवाल: मेरी उम्र 25 वर्ष है। मेरा विवाह अगले माह होनेवाला है। मैं जानना चाहता हूं कि वैवाहिक जीवन में सेक्सुअल रिलेशन के दौरान इंटरकोर्स के समय हम पुरुषों के की किंतनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है? जवाब : पेनिस यानी लिंग पुरुष के शरीर का एक अत्यंत नाजुक और महत्वपूर्ण अंग है। यह पुरुष के पौरुष का प्रतीक है, जो मूत्र विसर्जन और संभोग क्रिया दोनों में ही काम आता है। स्त्री-पुरुष संभोग की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि पुरुष इसमें केवल अपने लिंग द्वारा भाग लेता है, जबकि स्त्री अपने पूरे शरीर के द्वारा ही इस क्रिया में भाग लेती हैं। लिंग का महत्वपूर्ण कार्य सेक्सुअल इंटरकोर्स के समय पुरुष लिंग का महत्वपूर्ण कार्य स्त्री योनि में घर्षण करके स्त्री को शारीरिक सुख का चरम आनंद प्रदान करने का प्रयास करते हुए स्वयं भी आनंद की अनुभूति प्राप्त करके चरमसुख को पाना होता है। इसके अलावा वंश वृद्धि तथा संतानोत्पत्ति के लिए पुरुष अपने लिंग को स्त्री योनि में गहराई तक ले जाकर अपना वीर्य (स्पर्म) छोड़ना है, जिसके पश्चात स्त्री गर्भवती होती है। इंटरकोर्स के लिए जरूरी एक सफल इंटरकोर्स के लिए जरूरी है कि संभोग के समय पुरुष लिंग दृढ़ता और कठोरता से उत्थित हो। यह ध्यान देने योग्य बात है कि लिंग में सिर्फ मांसपेशियां और रक्त नलिकाएं होती हैं। लेकिन जब पुरुष के मन में सेक्स करने की इच्छा उत्पन्न होती है, तो उत्तेजना के कारण उसका लिंग कठोर होकर खड़ा हो जाता है। लिंग की कठोरता रक्त नलिकाओं में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने के कारण होता है। ब्लड सर्कुलेशन तंतुओं में केंद्रित होता है। कामेच्छा बढ़ने के साथ-साथ सर्कुलेशन बढ़ता जाता है। टेक्निक को अच्छी तरह समझ लें तो लिंग का आकार जैसा भी हो, पुरुष संभोग के दौरान स्त्री को परम आनंद की सीमा तक चरमसुख का अहसास प्रदान करने में सक्षम होता है। यदि पुरुष संभोग की टेक्निक को अच्छी तरह समझ लें तो लिंग का आकार छोटा होने पर भी वे सफल सेक्सुअल रिलेशन बनाने में कामयाब हो सकते हैं। इन सब चीजों से दूर रहें सिगरेट और शराब का सेवन करने से, डायबिटीज होने पर, और ब्लड में वसा की मात्रा बढ़ने के कारण रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिसके कारण रक्त वाहिकाओं में संकरापन आ जाने के कारण ब्लड सर्कुलेशन में कमी आने लगती है, परिणामस्वरूप सेक्स के दौरान लिंग में पर्याप्त तनाव और कठोरता नहीं आ पाती है। जिसके कारण संभोग का आनंद अधूरा रह जाता है। अतः एक हेल्दी सेक्सुअल लाइफ के लिए इन सब चीजों से दूर रहने की कोशिश करें। और यदि उपरोक्त कोई भी कारण आपके पास हो तो उनका पर्याप्त उपचार अवश्य करें, ताकि आपकी सेक्सुअल लाइफ हेल्दी और आनंदपूर्ण हो।

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